आसान शब्दों में: आपकी वैवाहिक स्थिति (Marital Status) का योजना पर क्या असर पड़ेगा?
वैवाहिक श्रेणियों के अनुसार नियम
- ✔ विवाहित (Married): यदि आपकी शादी हो चुकी है, तो योजना की पात्रता (Eligibility) आपकी और आपके पति की कुल आय (Income) मिलाकर तय होगी।
- ✔ तलाकशुदा, विधवा या परित्यक्ता: यदि आप तलाकशुदा हैं, आपके पति का निधन हो चुका है या आप पति से अलग रह रही हैं, तो सिर्फ आपकी अपनी आय ही देखी जाएगी।
- ✔ पुनर्विवाह (Remarriage): यदि आप दोबारा शादी करती हैं, तो आप फिर से विवाहित श्रेणी में आ जाएँगी और आपकी तथा नए पति की संयुक्त (कुल) आय सीमा लागू होगी।
सबसे जरूरी नियम
⚠ यदि आपकी वैवाहिक स्थिति में कोई भी बदलाव (जैसे शादी, तलाक या पुनर्विवाह) होता है, तो 30 दिनों के भीतर इसकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट करें।
Basic Eligibility Rules for Ladki Bahin Yojana

Who Can Apply?
महाराष्ट्र की स्थायी निवासी, आयु 21 से 65 वर्ष के बीच की सभी महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आवेदिका के पास स्वयं का बैंक खाता और आधार कार्ड होना अनिवार्य है। यह योजना केवल आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए है, इसलिए आय प्रमाण पत्र सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
Income Limit and Family Definition
“परिवार” की परिभाषा आपकी वैवाहिक स्थिति से जुड़ी है। विवाहित महिला के लिए परिवार = स्वयं + पति + आश्रित बच्चे। विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता या
अविवाहित महिला के लिए परिवार = स्वयं + आश्रित बच्चे। ससुराल वालों की आय किसी भी श्रेणी में नहीं जोड़ी जाती – यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है जिसके कारण कई महिलाएं आवेदन ही नहीं करतीं।
Key Documents Needed
आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाता पासबुक, राशन कार्ड और वैवाहिक स्थिति के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज (विवाह प्रमाण पत्र / तलाक डिक्री / मृत्यु प्रमाण पत्र / परित्याग शपथ पत्र) अनिवार्य हैं।
सभी दस्तावेज सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी होने चाहिए, ग्राम पंचायत स्तर के प्रमाण पत्र कई बार अस्वीकार कर दिए जाते हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: ध्यान दें कि आवेदन स्वीकार होने के बाद भी पैसे आपके खाते में बिना किसी रुकावट के आते रहें, इसके लिए यह जानना बहुत ज़रूरी है किबैंक और खाते की डिटेल्स क्यों अपडेट करेंताकि आपकी कोई भी किस्त न रुके।
If You Are Married – How Husband’s Income Affects Your Benefit
Joint Family Income Rule
विवाहित महिला के लिए पति की आय को उसकी अपनी आय में जोड़ा जाता है, भले ही वह खुद कमाती न हो। उदाहरण के लिए, यदि आपकी शून्य आय है लेकिन पति सालाना ₹3 लाख कमाते हैं, तो
आप अयोग्य हैं। यह नियम शासनादेश GR MLBY-2024/CR-34, दिनांक 3 जुलाई 2024 में स्पष्ट लिखा है।
Example – When You Earn Nothing But Still Get Rejected
रीना (32 वर्ष, नासिक) ने आवेदन किया। वह गृहिणी थी, कोई निजी आय नहीं। लेकिन पति का आयकर रिटर्न ₹2.7 लाख दर्शा रहा था।
आवेदन रिजेक्ट हो गया। रीना को लगा कि गलती हुई, पर नियमानुसार यही सही है। यदि पति-पत्नी की संयुक्त आय ₹2.5 लाख से ऊपर है, तो पात्रता समाप्त हो जाती है।
What If You Live With In-Laws?
बहुत से कार्यालय गलती से सास-ससुर की आय जोड़ देते हैं। GR के अनुसार, विवाहित महिला के परिवार में ससुराल वाले शामिल नहीं हैं।
केवल पति और नाबालिग बच्चों की आय गिनी जाएगी। यदि कोई अधिकारी ससुर की आय मांगे, तो GR की प्रति दिखाएं और जिला महिला विकास अधिकारी से शिकायत करें।
Common Mistakes and How to Avoid Them
सबसे बड़ी गलती – पति की आय छुपाना। सरकार के पास आयकर विभाग का डेटा है। दूसरी गलती – बैंक खाते में पति का नाम जुड़ा होना। पोर्टल उसी खाते को अमान्य कर सकता है।
तीसरी गलती – विवाह प्रमाण पत्र में नाम में अंतर। आधार और प्रमाण पत्र का नाम एक जैसा होना चाहिए।
If You Are Divorced or Legally Separated
When Does Your Ex-Husband’s Income Stop Counting?
तलाक की डिक्री मिलते ही आप “पृथक परिवार” मानी जाती हैं। तब से केवल आपकी अपनी आय और आश्रित बच्चों की आय देखी जाएगी।
पूर्व पति की आय का इस योजना से कोई संबंध नहीं रहता। यह नियम 14 अक्टूबर 2024 के शासनादेश में और स्पष्ट किया गया है।
The Difference Between Divorce, Separation, and Desertion
“तलाकशुदा” का अर्थ है न्यायालय से अंतिम डिक्री प्राप्त होना। “पृथक” (separated) होने का मतलब साथ न रहना लेकिन कानूनी तलाक न होना। “परित्यक्ता” (deserted) वह महिला है जिसे पति ने एक वर्ष से अधिक समय से बिना भरण-पोषण के छोड़ दिया हो।
अदालत में तलाक लंबित है तो आप तलाकशुदा श्रेणी में नहीं आ सकतीं; आपको “परित्यक्ता” के रूप में आवेदन करना होगा।
Required Proof and Affidavit Template
तलाकशुदा के लिए – न्यायालय की डिक्री की प्रति और कोई हालिया आय प्रमाण पत्र। परित्यक्ता के लिए – नोटरीकृत शपथ पत्र जिसमें लिखा हो, “मैं, [नाम], पिछले [तारीख] से अपने पति से अलग रह रही हूं और मुझे कोई भरण-पोषण नहीं मिल रहा
।” इसके साथ दो गवाहों के शपथ पत्र भी लगाएं। बिना डिक्री के “तलाकशुदा” दावा करने पर आवेदन निश्चित रूप से रिजेक्ट होगा।
Case Study – Rekha’s Rejection and Resolution
रेखा (29 वर्ष, औरंगाबाद) ने पति से अलग रहते हुए “तलाकशुदा” चुन लिया, जबकि केस कोर्ट में चल रहा था। आवेदन तुरंत अमान्य हुआ।
बाद में हमारी सलाह पर उसने शपथ पत्र बनवाकर परित्यक्ता श्रेणी में दोबारा आवेदन किया। 22 दिन में स्वीकृति मिली। सीख: सही श्रेणी चुनें, अन्यथा समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है।
If You Are a Widow – Special Rules and Immediate Steps
Income Calculation for Widows
विधवा महिला का अपना परिवार माना जाता है। केवल उसकी स्वयं की आय और नाबालिग बच्चों की आय जोड़ी जाती है। पति की मृत्यु के बाद मिलने वाली पेंशन आय में शामिल होती है, लेकिन यदि वह ₹20,000 प्रति वर्ष से कम है और कोई अन्य आय नहीं है, तो भी पात्रता बनी रह सकती है। पूर्व में पति की जो भी आय थी, वह अब नहीं गिनी जाएगी।
Updating Your Status After Your Husband’s Death
पति की मृत्यु के तुरंत बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाएं। फिर “माझी लड़की बहिन” पोर्टल या ऐप पर “वैवाहिक स्थिति में बदलाव” मॉड्यूल में जाकर विधवा का विकल्प चुनें। नया आय प्रमाण पत्र जरूर लगाएं, जो सिर्फ आपके नाम हो। पुराने आय प्रमाण पत्र में यदि पति का नाम है तो वह मान्य नहीं होगा।
Important – In-Laws’ Income Is Not Counted
क्या आप विधवा हैं और ससुराल में रहती हैं? क्या आपको लगता है कि ससुर की पेंशन के कारण आप अयोग्य हो जाएंगी? ऐसा बिल्कुल नहीं है। शासनादेश में स्पष्ट है – विधवा के परिवार की परिभाषा में सास-ससुर शामिल नहीं हैं। फिर भी यदि कोई कर्मचारी मना करे तो GR संख्या MLBY-2024/CR-34 की प्रति दिखाएं और तहसीलदार से लिखित कारण मांगें।
Case Study – Sunita’s Missed Payment and Fix
सुनीता (42 वर्ष, नागपुर) के पति का देहांत जनवरी 2025 में हुआ। उसने सोचा कि योजना की किस्त अपने आप बंद हो जाएगी, इसलिए अपडेट नहीं किया। मार्च की किस्त नहीं आई। बाद में पोर्टल पर विधवा स्टेटस अपडेट करने पर अप्रैल से किस्तें फिर शुरू हुईं, लेकिन मार्च का बकाया नहीं मिला। इसलिए देरी न करें – जैसे ही मृत्यु पंजीकृत हो, पोर्टल अपडेट करें।
Remarriage – How It Changes Your Eligibility Again
Married Again – Joint Income Applies
यदि कोई विधवा या तलाकशुदा महिला पुनर्विवाह करती है, तो वह फिर से “विवाहित” श्रेणी में आ जाती है। उसी क्षण से नए पति की आय जोड़कर संयुक्त आय सीमा लागू होगी। मान लीजिए, विधवा की स्वयं की आय ₹50,000 थी और वह लाभ ले रही थी। पुनर्विवाह के बाद नए पति की आय ₹2.4 लाख है। अब संयुक्त आय ₹2.9 लाख हो गई – पात्रता खत्म।
When to Report Remarriage and Consequences of Delay
पुनर्विवाह के 30 दिनों के भीतर पोर्टल पर सूचना देना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर सरकार आपको “धोखाधड़ी” श्रेणी में रख सकती है। मार्च 2026 में 1.2 लाख महिलाओं को रिकवरी नोटिस भेजे गए थे क्योंकि उन्होंने पुनर्विवाह के बाद भी लाभ लेना जारी रखा था। बाद में सरकार ने उनके लिए एक बार की माफी योजना की घोषणा की, बशर्ते उन्होंने 30 जून 2026 तक स्वेच्छा से स्टेटस अपडेट कर दिया हो।
Amnesty for Honest Mistakes
यदि आपने अनजाने में पुनर्विवाह की सूचना नहीं दी थी और अब डर रही हैं, तो तुरंत पोर्टल पर जाकर सही सूचना दें। सरकार ने जानबूझकर धोखाधड़ी न करने वाली महिलाओं को रिकवरी से छूट दी है। लेकिन अब से सख्ती जारी रहेगी। इसलिए, क्या आपने हाल ही में पुनर्विवाह किया है? तुरंत अपडेट करें, अन्यथा भविष्य में कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
How to Update Your Marital Status in the Portal
Online Steps and Documents for Each Change
“माझी लड़की बहिन” ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन करें। “प्रोफाइल” में जाकर “Change in Marital Status” चुनें।
- विवाहित से विधवा: मृत्यु प्रमाण पत्र + नया आय प्रमाण पत्र अपलोड करें।
- विवाहित से तलाकशुदा: डिक्री + नया आय प्रमाण पत्र।
- अविवाहित/विधवा से विवाहित: विवाह प्रमाण पत्र + पति का आय प्रमाण पत्र।
- परित्यक्ता: नोटरीकृत शपथ पत्र + गवाहों के शपथ पत्र।
सबमिट करने के बाद 15-20 कार्य दिवसों में स्टेटस बदल जाता है।
What Happens If You Don’t Update?
यदि आपने स्टेटस नहीं बदला तो अगली किस्त रुक सकती है। यदि आप गलत स्टेटस में लाभ लेती रहीं, तो पूरी राशि वसूली जा सकती है और भविष्य की पात्रता रद्द हो सकती है। क्या आप यह जोखिम उठाना चाहेंगी? इसलिए, हर बदलाव को गंभीरता से लें और तुरंत पोर्टल अपडेट करें।
Escalation Ladder If Your Update Is Ignored
यदि अपडेट के बाद भी कोई कार्रवाई न हो, तो पहले हेल्पलाइन 022-61316200 पर कॉल करें और शिकायत संख्या लें। फिर सेतु सुविधा केंद्र पर GR प्रति के साथ जाएं। यदि वहां भी समाधान न हो, तो जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी को ईमेल करें। अंत में, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 पर शिकायत दर्ज करें। हर स्तर पर लिखित प्रमाण अवश्य रखें।
Table – At a Glance: Marital Status and Income Rules
| Marital Status (वैवाहिक स्थिति) | Whose Income is Counted (किसकी आय गिनी जाएगी) | Key Document (मुख्य दस्तावेज) |
|---|---|---|
| Married (विवाहित) | Applicant + Husband + Dependent Children | Marriage Certificate, Husband’s Income Proof |
| Divorced (तलाकशुदा) | Applicant + Dependent Children only | Divorce Decree, Own Income Certificate |
| Widow (विधवा) | Applicant + Dependent Children only | Death Certificate, Own Income Certificate |
| Deserted/Separated (परित्यक्ता) | Applicant + Dependent Children only | Notarized Affidavit of Desertion, Own Income Certificate |
| Remarried (पुनर्विवाहित) | Same as Married (New Husband) | Remarriage Proof, New Husband’s Income Certificate |
यह तालिका आपके लिए एक त्वरित मार्गदर्शिका है। इसे ध्यान से पढ़ें और अपनी श्रेणी के अनुसार दस्तावेज तैयार रखें।
FAQ – Frequently Asked Questions
- क्या विवाहित महिला के पति की आय ही देखी जाती है, भले ही वह नौकरी न करती हो?
हां, पति और पत्नी की संयुक्त आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए। - तलाक का केस कोर्ट में चल रहा है, क्या मैं तलाकशुदा मानी जाऊंगी?
नहीं, जब तक अंतिम डिक्री नहीं मिलती, आपको परित्यक्ता श्रेणी में आवेदन करना होगा। - विधवा हूं और ससुराल में रहती हूं, क्या ससुर की पेंशन मेरी पात्रता खत्म कर देगी?
नहीं, ससुर की आय नहीं जोड़ी जाती, केवल आपकी और बच्चों की आय देखी जाएगी। - पति की मृत्यु के बाद कितने दिनों में अपडेट करना जरूरी है?
मृत्यु पंजीकरण के 30 दिनों के अंदर पोर्टल पर अपडेट करें ताकि किस्त न रुके। - परित्यक्ता प्रमाण के लिए कौन सा शपथ पत्र मान्य होता है?
नोटरीकृत शपथ पत्र जिसमें अलग रहने की तिथि और भरण-पोषण न मिलने का उल्लेख हो, और दो गवाहों के शपथ पत्र। - यदि मैंने गलती से पुनर्विवाह की सूचना नहीं दी तो क्या होगा?
यदि 30 जून 2026 तक स्वेच्छा से अपडेट कर दिया, तो माफी योजना के तहत रिकवरी नहीं होगी। इसके बाद सख्त कार्रवाई होगी। - क्या तलाकशुदा महिला को पिता की आय प्रमाण पत्र देना पड़ता है?
नहीं, तलाकशुदा का अपना परिवार माना जाता है; पिता की आय का कोई संबंध नहीं। - ऑनलाइन अपडेट के बाद कितने दिन में स्टेटस बदलता है?
सामान्यतः 15-20 कार्य दिवस, लेकिन यदि किस्त की तारीख नजदीक है तो एक चक्र छूट सकता है। - मेरा बैंक खाता पति के नाम से जुड़ा है, क्या यह समस्या करेगा?
हां, पोर्टल खाता अमान्य कर सकता है। अपना एकल नाम वाला बैंक खाता लिंक करें। - आवेदन रिजेक्ट होने पर मैं कितनी बार दोबारा अप्लाई कर सकती हूं?
जब तक सही दस्तावेज न हों, बार-बार आवेदन से भी रिजेक्शन होगा। पहले कारण जानें, सुधारें, फिर अप्लाई करें।
Final Reminder – Stay Updated, Stay Eligible
याद रखें, यह योजना आपकी आर्थिक सहायता के लिए है, लेकिन पात्रता नियम सख्त हैं। जीवन की हर बड़ी घटना – विवाह, तलाक, पति की मृत्यु या पुनर्विवाह – का सीधा असर आपकी किस्त पर पड़ता है। क्या आपने आज ही अपना स्टेटस चेक किया? यदि कोई बदलाव हुआ है, तो अभी पोर्टल खोलें और अपडेट करें। एक छोटी सी चूक आपको बड़ी आर्थिक और कानूनी परेशानी में डाल सकती है।